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Vyakaran + bhasha

Paryayvachi notes

Ready

पर्यायवाची

Paryayvachi is a topic in Hindi General (Vyakaran + bhasha) for RVUN JA / CA-II (RVUN/Rectt.-2026-27/03).

विषय 4 · हिंदी व्याकरण, कक्षा-10। समान / निकट अर्थ = पर्यायवाची / समानार्थक। विलोम पीछे (उल्टा); अनेकार्थक–श्रुतिसम आगे (कई अर्थ / एक जैसी आवाज़)।

इस विषय में क्या आता है

परीक्षा पूछती है — अग्नि का पर्याय कौन, कमल, पंकज, नीरज, जलधि में बेमेल कौन, जय–विजय पर्याय हैं या विलोम, अमृत–सुधा क्या है, गंगा–यमुना एक समूह में बैठते हैं क्या। एक ही अर्थ के कई नाम चाहिए, उल्टा नाम नहीं, दूसरी चीज़ का नाम नहीं।

यहाँ पढ़ना है

पर्याय की परिभाषा। पूर्ण vs निकट। तत्सम–तद्भव जोड़ी (संकेत)। काव्य/बोलचाल। बेमेल निकालो। प्रकृति, कमल, देव, प्राणी, भाव के समूह। जय–विजय यहाँ पर्याय। अमृत–सुधा पर्याय, अमृत–विष विलोम।

यहाँ नहीं घुसाना

उल्टा अर्थ — विलोम (जय–पराजय, अमूल्य–मूल्यहीन वहीं)। एक शब्द के कई अर्थ, श्रुतिसम (नीर–नीड़) — अनेकार्थक / श्रुतिसम। जल–पानी का तत्सम ठप्पा पूरी सूची — तत्सम–तद्भव। घोड़ा–घोड़ी लिंग। आँख का तारा — मुहावरे।

एक पंक्ति: पर्याय = लगभग एक अर्थ, रूप अलग। विलोम = अर्थ उल्टा। अनेकार्थक = एक रूप, कई अर्थ। समूह में वही चीज़ के नाम रखो, पड़ोसी चीज़ मत घुसाओ।

पर्यायवाची क्या है

पर्यायवाची या समानार्थक वे शब्द हैं जिनका अर्थ एक हो, या इतना पास हो कि परीक्षा एक समूह मान ले। अग्नि = आग = पावक। कमल = पंकज = नीरज।

नामअर्थ का रिश्ताउदाहरण
पर्यायएक दिशा, एक चीज़सुख–आनंद–हर्ष · अमृत–सुधा–पीयूष
विलोमउल्टी दिशासुख–दुःख · अमृत–विष — उस पृष्ठ पर
सापेक्षरिश्ता, न समान न उल्टागुरु–शिष्य, पिता–पुत्र

दोनों विकल्प एक प्रश्न में हों तो पूछा शब्द पढ़ो — पर्याय समान दिशा, विलोम उल्टी।

पूर्ण पर्याय और निकट पर्याय

शुद्ध गणित की तरह सौ-से-सौ एक अर्थ दुर्लभ है। हिंदी में दो परतें काम करती हैं।

भेदक्याउदाहरणपरीक्षा
पूर्ण / बहुत निकटजगह लगभग एकनेत्र–नयन–चक्षु · पावक–अनल–वह्निसमूह में सब सही
निकट / अंश-भेदएक घर, डिग्री अलगराजा–नरेश–सम्राट (सम्राट ऊँचा) · प्रेम–अनुराग–आसक्तिफिर भी पर्याय गिने जाते हैं
तत्सम + तद्भवसंस्कृत रूप + बोलचाल रूप, अर्थ एकअग्नि–आग · क्षेत्र–खेत · रात्रि–रात · हस्त–हाथजोड़ा पर्याय है; स्रोत का ठप्पा तत्सम–तद्भव पर
सम्राट राजा का पर्याय है, बराबर पद नहीं। «पर्याय चुनो» में सम्राट चलता है। निबंध में हर राजा को सम्राट मत लिख देना। यही निकट पर्याय की सीमा है।

बोलचाल और काव्य — एक चीज़, दो तह

घर में आग, कविता में पावक / अनल। प्यास में पानी, शास्त्र में जल / नीर / वारि। दोनों पर्याय हैं; वाक्य का स्तर चुनो।

बोलचालकाव्य / तत्सम
आग, पानी, हवा, आसमान, पहाड़, समुद्र, रात, आँख, घोड़ा, सोनाअग्नि, जल/नीर, पवन/समीर, गगन/व्योम, गिरि/शैल, सागर/उदधि, रात्रि/निशा, नेत्र/नयन, अश्व/तुरंग, स्वर्ण/कनक

प्रश्न «पर्याय» हो तो दोनों तह सही। प्रश्न «तत्सम चुनो» हो तो आग नहीं, अग्नि — वह तत्सम-पृष्ठ की पूछ है।

चार जाल — यहीं कटते हैं

1. विलोम समूह में घुस आए

सुख, आनंद, हर्ष, दुःख — दुःख बेमेल (विलोम)। अमृत, सुधा, पीयूष, विष — विष बेमेल। जय, विजय, अपजय — अपजय/पराजय विलोम; जय–विजय यहाँ पर्याय हैं (विलोम-पृष्ठ का उल्टा जाल)।

जय–विजय: पर्याय (जीत–जीत)। विलोम दोनों का = पराजय। «वि» यहाँ विशेष है, नहीं नहीं।

2. पड़ोसी चीज़ — बेमेल

एक परिवार के नाम साथ, दूसरी चीज़ का नाम काटो।

  • कमल, पंकज, नीरज, जलधि — जलधि = समुद्र, कमल नहीं
  • गंगा, भागीरथी, जाह्नवी, यमुना — यमुना दूसरी नदी
  • सूर्य, रवि, भास्कर, इंद्र — इंद्र देवता, सूर्य नहीं (आदित्य सूर्य-नाम है, इंद्र नहीं)
  • सिंह, मृगराज, केसरी, गज — गज हाथी

3. अनेकार्थक — गलत घर का पर्याय

गुरु शिक्षक हो तो आचार्य/अध्यापक; भारी हो तो पर्याय नहीं, विलोम लघु (विलोम)। सोम चंद्र भी, अमृत भी — समूह देखो: शशि के साथ हो तो चंद्र, सुधा के साथ हो तो अमृत। पूरा पाठ अनेकार्थक पर।

4. श्रुतिसम — आवाज़ एक, अर्थ दो

नीर (जल) और नीड़ (घोंसला) पर्याय नहीं। अभ्र (बादल) और अंबर (आकाश) पर्याय नहीं — अंबर आकाश का पर्याय है, अभ्र मेघ का। दिखने-सुनने का जाल अनेकार्थक / श्रुतिसम पर है; यहाँ अर्थ एक चाहिए।

उदाहरण

कमल, पंकज, सरोज, जलधि — बेमेल?

हल

  1. तीन कमल

    पंकज = पंक में जन्मा। सरोज = सर में जन्मा। कमल वही फूल।

  2. जलधि

    जल + धि = समुद्र (उदधि, पयोधि वाला घर)। फूल नहीं।

उत्तरजलधि — बेमेल

प्रकृति, आकाश, समय

शब्दपर्याय (रटो)
अग्निआग, पावक, अनल, वह्नि, दहन, कृशानु
जलपानी, नीर, वारि, तोय, अंबु, सलिल, पानीय
वायुपवन, हवा, समीर, अनिल, वात, मारुत
आकाशगगन, नभ, व्योम, अंबर, आसमान, द्यौ
पृथ्वीधरा, धरती, भूमि, वसुधा, वसुंधरा, मेदिनी, क्षिति, उर्वी
सूर्यरवि, भानु, दिवाकर, आदित्य, भास्कर, दिनकर, प्रभाकर, मार्तंड
चंद्रशशि, इंदु, मयंक, निशाकर, विधु, शशांक, राकेश, कलानिधि, सोम (चंद्र-अर्थ)
समुद्रसागर, सिंधु, उदधि, जलधि, पयोधि, अर्णव, नदीश
पर्वतपहाड़, गिरि, शैल, अचल, महीधर, नग, तुंग
नदीसरिता, तटिनी, आपगा, स्रोतस्विनी, निम्नगा
वृक्षपेड़, तरु, पादप, द्रुम, विटप
पुष्पफूल, सुमन, कुसुम, प्रसून
रात्रिरात, निशा, रजनी, यामिनी, क्षपा, विभावरी
दिनदिवस, वासर, अहन्
अंधकारतम, तिमिर, अँधेरा, तमिस्र
प्रकाशउजाला, ज्योति, रोशनी, प्रभा
मेघबादल, घन, वारिद, पयोद, अभ्र

अंबर आकाश। अभ्र मेघ। दोनों पर्याय एक-दूसरे के नहीं।

कमल, गंगा, रत्न — नाम के अंदर कहानी

ये समूह इसलिए पूछे जाते हैं कि हर पर्याय एक उपनाम है, न कि पड़ोसी वस्तु।

शब्दपर्यायनाम क्यों (संकेत)
कमलपंकज, नीरज, जलज, वारिज, सरोज, पद्म, राजीव, अरविंद, पुंडरीकपंक/नीर/सर में जन्मा। जलधि मत लिखना।
गंगाभागीरथी, जाह्नवी, मंदाकिनी, त्रिपथगा, देवनदी, सुरसरिता, विष्णुपदीभगीरथ लाए, जह्नु मुनि, तीन लोक। यमुना अलग नदी।
अमृतसुधा, पीयूष, सोम (अमृत-अर्थ)विष / गरल विलोम।
स्वर्णसोना, कनक, हाटक, हेम, कंचनरजत = चाँदी, बेमेल।
रजतचाँदी, रौप्य—
आम्रआम, रसाल, अतिसौरभ, सहकार—

देव और अवतार — परीक्षा के उपनाम

नामपर्याय / उपनाम
शिवशंकर, महादेव, नीलकंठ, पशुपति, शंभु, रुद्र, भोलेनाथ, चंद्रशेखर, गिरीश
विष्णुनारायण, हरि, चक्रपाणि, लक्ष्मीपति, दामोदर (कृष्ण-पास भी), माधव
ब्रह्माविधि, प्रजापति, चतुरानन, आत्मभू, स्रष्टा
गणेशगजानन, विनायक, लंबोदर, एकदंत, वक्रतुंड, गणपति
कृष्णश्याम, घनश्याम, मुरारी, गिरिधर, नंदलाल, वासुदेव, मोहन, केशव, हृषिकेश
रामरघुपति, रघुनंदन, सीतापति, दशरथसुत, राघव, अवधेश
लक्ष्मीपद्मा, कमला, श्री, हरिप्रिया, चंचला, इंदिरा
सरस्वतीवाणी, भारती, शारदा, वीणापाणि, वागीश्वरी, हंसवाहिनी
पार्वतीउमा, गौरी, शिवा, अम्बिका, गिरिजा, दुर्गा (रूप-भेद; समूह में चलता)
इंद्रपुरंदर, देवेंद्र, शचीपति, सुरपति, वज्रपाणि, मेघवाहन
हनुमानपवनसुत, अंजनीसुत, मारुति, बजरंगबली, कपि, महावीर
लक्ष्मणशेषावतार, सौमित्रि, रामानुज
सीताजानकी, वैदेही, जनकसुता, मिथिलेशजा
इंद्र ≠ सूर्य। आदित्य सूर्य-समूह में है। सुरपति इंद्र है। विकल्प में रवि के साथ इंद्र बेमेल। नीलकंठ शिव है, मोर का गला कविता में अलग — देव-प्रश्न पर शिव।

प्राणी, शरीर, संबंध, घर

शब्दपर्याय
सिंहशेर, मृगराज, केसरी, वनराज, पंचानन, हरि (सिंह-अर्थ; विष्णु भी हरि — समूह देखो)
गजहाथी, हस्ती, करी, मतंग, द्विप, कुंजर
अश्वघोड़ा, तुरंग, हय, वाजी, घोटक
धेनुगाय, गौ, सुरभि, पयस्विनी
सर्पसाँप, नाग, भुजंग, विषधर, अहि, उरग, फणी
श्वानकुत्ता, कुक्कुर, सारमेय
नेत्रआँख, नयन, चक्षु, लोचन, अक्षि, दृष्टि (अंग के अर्थ में)
मुखआनन, वदन, आस्य
हस्तहाथ, कर, पाणि
राजानृप, भूप, नरेश, महिपति, अवनीश, सम्राट (निकट)
पुत्रबेटा, तनय, सुत, आत्मज, नंदन
पुत्रीबेटी, तनया, सुता, आत्मजा, नंदिनी
पतिस्वामी, भर्ता, कान्त, आर्यपुत्र (काव्य)
पत्नीभार्या, वामा, सहधर्मिणी, गृहिणी, दारा
मित्रसखा, साथी, दोस्त, सुहृद, अंतरंग
शत्रुवैरी, रिपु, अरि, दुश्मन, विपक्ष
गृहघर, आलय, निकेतन, सदन, भवन, आगार
अध्यापकशिक्षक, आचार्य, गुरु (शिक्षक-अर्थ)
छात्रविद्यार्थी, शिष्य, अन्तेवासी

पति–पत्नी पर्याय नहीं, सापेक्ष जोड़ी है — विलोम के जाल-3 जैसा, उल्टा भी नहीं।

भाव, गुण, युद्ध, धन

शब्दपर्याय
सुखआनंद, हर्ष, प्रसन्नता, आह्लाद, मोद
दुःखशोक, कष्ट, पीड़ा, व्यथा, संताप, क्लेश
क्रोधरोष, कोप, अमर्ष, गुस्सा
प्रेमस्नेह, प्रीति, अनुराग, प्यार, प्रणय
भयडर, त्रास, भीति, दहशत
बुद्धिमति, प्रज्ञा, मेधा, विवेक, समझ
सुंदरमनोहर, रमणीय, खूबसूरत, आकर्षक, दिव्य, चारु
बड़ाविशाल, वृहत्, महान्, विराट
छोटालघु, अल्प, क्षुद्र (निकट; क्षुद्र गाली-गंध भी)
सत्यसच, यथार्थ, तथ्य
युद्धसमर, रण, लड़ाई, संग्राम, आहव
धनसंपत्ति, दौलत, वैभव, द्रव्य, वित्त
अन्नअनाज, शस्य, खाद्य
भोजनआहार, खाना, जेवनार
मृत्युमौत, निधन, देहांत, पंचत्व, इंतकाल
पुस्तककिताब, ग्रंथ, पोथी
विद्याज्ञान, शिक्षा, विद्याधन (काव्य)

सुख और दुःख एक समूह में हों तो दुःख काटो — वह विलोम है, पर्याय नहीं। दोनों के अपने पर्याय ऊपर अलग पंक्ति में हैं।

परीक्षा में चार कदम

  1. पूछा पर्याय है या विलोम? समान vs उल्टा।
  2. समूह की चीज़ कौन? फूल / नदी / देव / जीव — एक ही।
  3. बेमेल नाम की चीज़ अलग है? जलधि समुद्र, यमुना दूसरी नदी, गज हाथी।
  4. अनेकार्थक / श्रुतिसम तो नहीं? सोम, हरि, गुरु, नीर–नीड़ — अर्थ का घर देखो।
भूल-सूची। जय–विजय को विलोम मान लेना (ये पर्याय हैं)। अमृत–विष को पर्याय। कमल-समूह में जलधि। गंगा-समूह में यमुना। सूर्य-समूह में इंद्र। पति–पत्नी को पर्याय। नीर–नीड़ को पर्याय। सुंदर का उत्तर कुरूप (वह विलोम)।

प्रश्न 1–10

प्र. 1

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

  1. उल्टे अर्थ वाले
  2. समान / निकट अर्थ वाले
  3. एक शब्द के कई अर्थ
  4. लिंग बदलने वाले

हल

  1. समान

    उल्टा = विलोम। कई अर्थ = अनेकार्थक। लिंग अपना पृष्ठ।

उत्तरB
प्र. 2

«अग्नि» का पर्याय?

  1. जल
  2. पावक
  3. पवन
  4. पंकज

हल

  1. आग का तत्सम घर

    पावक, अनल, वह्नि। जल पानी, पवन हवा, पंकज कमल।

उत्तरB
प्र. 3

बेमेल चुनो: कमल, पंकज, नीरज, जलधि

  1. कमल
  2. पंकज
  3. नीरज
  4. जलधि

हल

  1. तीन फूल, एक समुद्र

    जलधि = उदधि वाला घर। सरोज होता तो कमल रहता।

उत्तरD
प्र. 4

«जय» और «विजय»?

  1. विलोम
  2. पर्याय
  3. सापेक्ष — गुरु–शिष्य जैसे
  4. श्रुतिसम भिन्नार्थक

हल

  1. दोनों जीत

    पर्याय। विलोम पराजय — विलोम पृष्ठ। वि = विशेष, नहीं नहीं।

उत्तरB
प्र. 5

«अमृत–सुधा» और «अमृत–विष»?

  1. दोनों पर्याय
  2. सुधा पर्याय, विष विलोम
  3. दोनों विलोम
  4. सुधा विलोम, विष पर्याय

हल

  1. एक शब्द दो घर

    सुधा/पीयूष = अमृत के पर्याय। विष/गरल = विलोम। समूह में विष काटो।

उत्तरB
प्र. 6

«सूर्य» का पर्याय?

  1. इंद्र
  2. भास्कर
  3. शशि
  4. जलद

हल

  1. भास्कर = प्रकाश करने वाला

    रवि, दिवाकर, आदित्य भी। इंद्र सुरपति। शशि चंद्र। जलद मेघ।

उत्तरB
प्र. 7

बेमेल: गंगा, भागीरथी, जाह्नवी, यमुना

  1. गंगा
  2. भागीरथी
  3. जाह्नवी
  4. यमुना

हल

  1. तीन नाम एक नदी

    यमुना दूसरी नदी, पर्याय नहीं। मंदाकिनी/त्रिपथगा गंगा रहते।

उत्तरD
प्र. 8

«आँख» का पर्याय?

  1. कर्ण
  2. नेत्र
  3. नासिका
  4. दंत

हल

  1. नेत्र, नयन, चक्षु, लोचन

    कर्ण कान, नासिका नाक, दंत दाँत।

उत्तरB
प्र. 9

«शिव» का पर्याय?

  1. नारायण
  2. नीलकंठ
  3. चतुरानन
  4. गजानन

हल

  1. नीलकंठ = शिव

    नारायण विष्णु, चतुरानन ब्रह्मा, गजानन गणेश।

उत्तरB
प्र. 10

«सुख, आनंद, हर्ष, दुःख» — बेमेल?

  1. सुख
  2. आनंद
  3. हर्ष
  4. दुःख

हल

  1. तीन पर्याय, एक विलोम

    दुःख उल्टा अर्थ। शोक दुःख का पर्याय होता, इस सूची में नहीं।

उत्तरD

अभ्यास

ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं।

अ. 1

«चंद्र» का पर्याय?

  1. रवि
  2. शशि
  3. अनल
  4. अंबर

हल

  1. शशि, इंदु, मयंक, निशाकर

    रवि सूर्य, अनल आग, अंबर आकाश।

उत्तरB
अ. 2

«सिंह» का पर्याय?

  1. गज
  2. मृगराज
  3. अश्व
  4. धेनु

हल

  1. हरिणों का राजा

    मृगराज, केसरी, वनराज। गज हाथी, अश्व घोड़ा, धेनु गाय।

उत्तरB
अ. 3

«पवन» का पर्याय?

  1. पयोधि
  2. समीर
  3. पयोद
  4. पंकज

हल

  1. हवा

    समीर, अनिल, मारुत। पयोधि समुद्र, पयोद मेघ, पंकज कमल। पयो- जाल मत खाना।

उत्तरB
अ. 4

बेमेल: सिंह, केसरी, मृगराज, गज

  1. सिंह
  2. केसरी
  3. मृगराज
  4. गज

हल

  1. गज = हाथी

    बाकी तीन शेर।

उत्तरD
अ. 5

«गणेश» का पर्याय?

  1. चतुरानन
  2. गजानन
  3. चक्रपाणि
  4. वज्रपाणि

हल

  1. हाथी-मुख

    गजानन, लंबोदर, एकदंत। चतुरानन ब्रह्मा, चक्रपाणि विष्णु, वज्रपाणि इंद्र।

उत्तरB
अ. 6

«पुत्र» का पर्याय?

  1. पितृ
  2. आत्मज
  3. आत्मजा
  4. भ्राता

हल

  1. आत्मज = बेटा

    तनय, सुत भी। आत्मजा बेटी। पितृ पिता, भ्राता भाई — सापेक्ष, पर्याय नहीं।

उत्तरB
अ. 7

«आकाश» का पर्याय?

  1. अभ्र
  2. गगन
  3. अचल
  4. अनल

हल

  1. गगन, नभ, व्योम, अंबर

    अभ्र बादल (श्रुति-पास अंबर से — श्रुतिसम)। अचल पहाड़, अनल आग।

उत्तरB
अ. 8

«आग» और «अग्नि»?

  1. विलोम
  2. पर्याय — बोलचाल और तत्सम
  3. श्रुतिसम भिन्नार्थक
  4. लिंग-जोड़ी

हल

  1. एक चीज़ दो तह

    अर्थ एक। ठप्पा तत्सम–तद्भव पर; प्रश्न पर्याय हो तो B।

उत्तरB
अ. 9

«पति–पत्नी» क्या हैं?

  1. पर्याय
  2. सापेक्ष जोड़ी — पर्याय नहीं, विलोम नहीं
  3. विलोम
  4. कमल-समूह

हल

  1. रिश्ता

    गुरु–शिष्य जैसा। पर्याय तभी जब एक ही व्यक्ति के दो नाम हों (भर्ता = पति)।

उत्तरB
अ. 10

बेमेल: स्वर्ण, कनक, हेम, रजत

  1. स्वर्ण
  2. कनक
  3. हेम
  4. रजत

हल

  1. तीन सोना, एक चाँदी

    रजत = चाँदी / रौप्य। हाटक/कंचन सोना रहते।

उत्तरD

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