Hindi Grammar · चार अंग
रूप विचार notes
Roop vichar
रूप विचार is a section of Hindi Grammar language notes on noteswale. रूप विचार contains 12 topics to learn, revise, and practise.
हिंदी व्याकरण का तीसरा अंग रूप विचार है। ये पाठ किसी विश्वविद्यालय से नहीं जुड़े।
रूप विचार — शब्द अपना रूप क्यों बदलता है।
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Syllabus
रूप विचार · Roop vichar
- 01 लिंग पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। Ready
- 02 लिंग निर्णय — कठिन शब्द मकान, आत्मा, व्यक्ति जैसे शब्द। Ready
- 03 वचन एकवचन और बहुवचन। Ready
- 04 वचन परिवर्तन नियम लड़की → लड़कियाँ, बात → बातें। Ready
- 05 कारक और विभक्ति ने, को, से, में — नाम के बाद का चिह्न। Ready
- 06 काल — वर्तमान, भूत, भविष्य सरल रूप पहले। Ready
- 07 काल — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध जा रहा हूँ और गया में फर्क — पूरा, चल रहा, शक। Ready
- 08 कारक के आठ भेद कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण, संबोधन। Ready
- 09 संयुक्त क्रिया दो क्रियाएँ मिलकर एक काम — खा लिया, चला गया। Ready
- 10 प्रेरणार्थक क्रिया दूसरे से काम करवाना — लिखवाना, कटवाना। Ready
- 11 द्विकर्मक क्रिया दो कर्म वाली क्रिया — उसने मुझे किताब दी। Ready
- 12 धातु रूप धातु का पुरुष, वचन, काल के अनुसार रूप। Ready